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शारीरिक स्वास्थ्य

मानसिक स्वास्थ्य

पौष्टिकता

पौष्टिकता संबंधी विचार



पौष्टिकता संबंधी आवश्यकताएं



आहार संबंधी दिशा निर्देश



पौष्टिक तत्वों की संभावित कमी



पौष्टिकता संबंधी मूल्यांकन



आहार संबंधी प्रबन्धन



आहार पिरामिड



स्वस्थ खाने के लिए गाइड

वृद्ध व्यक्तियों में जीवन शैली परिवर्तन के लिए आहार संबंधी दिशा निर्देश

  • किसी कद विशेष के लिए शरीर के उचित वज़न को बनाए रखने हेतु पर्याप्त कैलोरी होनी चाहिए
  • जटिल कार्बोहाईड्रेट्स पर जोर देते हुए कुल कैलोरी में कार्बोहाईड्रेट्स का हिस्सा 55-75% होना चाहिए
  • कुल कैलोरी में प्रोटीन की मात्रा 10-15% होनी चाहिए (शरीर के आदर्श वज़न के अनुसार प्रति किलोग्राम न्यूनतम 1 ग्राम)
  • कुल कैलोरी में वसा की कुल मात्रा 15-35% के बीच में होनी चाहिए
  • भोजन में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा 300 मिग्रा/ दिन से अधिक नहीं होनी चाहिए।
  • कुल कैलोरी में सन्तृप्त वसा की मात्रा 10% से कम होनी चाहिए
  • कुल कैलोरी में पॉलीअनसेचुरेटिड वसा 8% से अधिक नहीं होनी चाहिए
  • एमयूएफए एक सिफारिश है (कुल कैलोरी का 10-15%)
  • पी/एस अनुपात 0.8-1.0 के बीच में होना चाहिए
  • ट्रांस फैट्टी एसिड से बचा जाना जाना चाहिए
  • ट्रांस फैट्टी एसिड से बचा जाना जाना चाहिए
  • अल्फा-लिनोलेईक एसिड (एन3) कैलोरी के 1% से कम नहीं होना चाहिए
  • एलए/एएलएनए अनुपात 5-10 के बीच में होना चाहिए
  • कुल कैलोरी की मात्रा से शर्करा की मात्रा 10% से कम होनी चाहिए तथा इसे न्यूनतम रखा जाना चाहिए
  • 5-7 ग्राम/दिन के अनुसार नमक लेना चाहिए
  • आहार संबंधी फाइबर की मात्रा लगभग 40 ग्राम/दिन होनी चाहिए
  • 1.5- 2 लीटर पानी की सिफारिश की जाती है
  • विटामिन, खनिजों तथा फाइटो-कैमिकल्स के लिए दैनिक भोजन में भिन्न भिन्न प्रकार का खाद्यान्न शामिल किया जाना चाहिए

आहार संबंधी दिशानिर्देश (खाद्यान्न समूह)
  • भिन्न भिन्न प्रकार के साबुत अनाज, मोटा अनाज (ज्वार, बाजरा आदि) तथा दालों को दैनिक भोजन में शामिल किया जाना चाहिए
  • भोजन में निम्न वसायुक्त दूध के 2 गिलास (1 गिलास = 240 मिग्रा) तथा समकक्ष दूध उत्पादों को शामिल किया जाना चाहिए
  • फलों तथा शाक सब्जियों (सभी रंगों की) की 4-5 सर्विग्स को शामिल किया जाना चाहिए (1 सर्विंग = 1बाउल=125 ग्राम)
  • सलाद खाने को प्रोत्साहित किया जाए
  • 15-20 ग्राम स्वस्थ ऑयल (लो सेचुरेटिड फैट्टी एसिड तथा ट्रांस फैट्टी एसिड ) की सिफारिश की जाती है। वैकल्पिक ऑयल को बढ़ावा देना चाहिए।
  • वसा तथा ऑयल के स्थान पर बादाम आदि तथा तिलहन लें मांसाहारियों के लिए अण्डे का सफेद हिस्सा, लीन चिकन तथा मछली की सिफारिश की जाती है

व्यवहार संबंधी दिशानिर्देश
  • नियमित अंतराल पर छोटी मात्रा में बारबार भोजन ग्रहण करना। दो भोजनों के बीच में अंतर 3 घंटे से कम नहीं होना चाहिए।
  • नाश्ता अवश्य ग्रहण करें तथा रात्रि भोजन जल्दी करें
  • स्वास्थ्यकर हल्के नाश्ते का विकल्प चुनें
  • खाते समय स्वास्थ्यकर आहार दिशा निर्देशों का पालन करें।
  • भोजन पकाने की पद्धतियों में तलने के स्थान पर उबला /भाप में पकाया हुआ/ भुना हुआ/ ग्रिल किया गया भोजन अधिक प्रयोग में लाए।
  • एल्कोहल की सिफारिश नहीं की जाती है। तथापि, स्वास्थ्यकर आहार के साथ महिलाओँ के लिए 1 छोटा ड्रिंक तथा पुरुषों के लिए 2 छोटे ड्रिंक लाभदायक हो सकते हैं।
  • सभी खाद्यान्न समूहों में खाद्यान्नों की विविध किस्मों को ग्रहण करें तथा इन समूहों के बीच में भी विविध खाद्यान्नों का विकल्प चुनें।
  • पौष्टिकता से परिपूर्ण खाद्यान्न जैसे फल, सब्जियां, साबुत अनाज धान्य तथा दालें, कम वसायुक्त दूध तथा डेयरी उत्पाद, बादाम आदि, सोयाबीन उत्पाद, मछली आदि प्रयोग में लाएं।
  • परम्परागत स्वास्थ्यकर पकवानों पर बल देः दाल पालक, दाल मेथी, उगी हुई चाट, सब्जी रायता, मिस्सी रोटी, बादाम आदि के साथ गाजर हलवा इनमें से कुछ नाम हैं। उपलब्ध संरक्षात्मक आहार (मछली, बादाम आदि, लहसुन, प्याज, बन्दगोभी तथा सरसों का तेल आदि समूह तथा पत्तेदार सब्जियां, टमाटर, सोय, अन्य दालें, खट्टे फल, अंगूर, बेरी, जड़ी बूटियां, मसाले तथा हरी चाय आदि के उपभोग को प्रोत्साहन दिया जाना चाहिए।
  • मिठाई, क्रीम पेस्ट्री, बालूशाही, अचार, नमक में गहन परिरक्षित/ अचार, अथवा तले हुए भठूरे, मठ्टी, कचौडी, दालमोठ, पैट्टीज आदि जैसे परम्परागत पकवानो/आहार से बचना चाहिए।
  • सरसों, चावल की भूसी, सोयबीन, कुसुम्ब, मूंगफली, सूर्यमुखी, तिल से प्राप्त मोनो-अनसेचुरेटिड तथा पोली-अनसेचुरेटिड डाईटरी विजिबल फैट्स का सेवन करें तथा पकाने में घी मक्खन आदि तथा ब्रेड आदि पर सेचुरेटिड वसा युक्त तथा ट्रांस वसा युक्त पदार्थों को सीमित रखें। छिपे हुए एनिमल वसा (वसा युक्त मांस, सम्पूर्ण वसा युक्त डेयरी उत्पाद, कुछ फास्ट/प्रसंस्कृत आहार तथा हाईड्रोजेनेटिड प्लांट वसा (कुछ फास्ट/प्रसंस्कृत आहार, व्यवसायिक केक/बिस्कुट) को न्यूनतम रखें अथवा इनके सम्मिश्रण से बचें।
  • विजिबल ऑयल उपभोग को लगभग 20 ग्राम/दिन तक सीमित रखें। मिश्रित ऑयल वसा में घुलनशील पौष्टिक तत्वों तथा पादप आहार से फाइटोकैमिकल के अवशोषण में सहायता कर सकते हैं। भोजन पकाने के लिए भिन्न भिन्न प्रकार की वसाओं जिन्हे न्यूनतम प्रसंस्कृत (शीत प्रसंस्कृत अथवा 'एक्स्ट्रा वरजिन') किया गया हो का प्रयोग करें।

दूसरों के सान्निध्य में भोजन तथा खान पान का आनन्द लें लेकिन उर्जा (वसा आदि) से परिपूर्ण (कम पौष्टिकता) समारोह खाद्य पदार्थों तथा उच्च वसा या शर्करा युक्त पेय पदार्थों के नियमित सेवन से बचें।

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